भजन-💐💐जो कुछ पाया जगत में💐💐
💐💐💐💐💐भजन💐💐💐💐💐💐
जो कुछ पाया जगत में,सब तुम्हारा ही दिया है माँ।
नही अब चाहिए जग का,के अब तेरा सहारा माँ।।1
हुई है अनगिनत भूलें, क्षमा किन-किन की मांगें माँ।
अकिंचन याचना करते,क्षमदात्री हो तुम जो माँ।।2
जगत के जाल पाशों से,कठिन है पार पाना माँ।
सहज मुक्ति बताओ ना, के अब मुक्ति है पाना माँ।।3
अमीरी में अहमता है,गरीबी में बड़ा दुःख माँ।
जो काटी अब तलक जिंदगी,तुम्हारी सब कृपा है माँ।।4
Comments
Post a Comment