///न जाने अब मिलेंगे कहाँ///












न जाने अब हम...मिलेंगे कहाँ।
न जाने मिलकर....खिलेंगे कहाँ।।

किसी को सताया हो तो,
किसी को रुलाया हो तो,
मुझे माफ़ करदेना तुम....यारों मेरे...
न जाने अब हम,मिलेंगे कहाँ।।1

जीवन छोटा होता यहाँ।
इसमें सबको जीना यहां।।
कल क्या होगा यहां,किसको पता है।
मिलके करें जो हम,कल हो न हो....
न जाने अब हम,मिलेंगे कहाँ....।।2

कुछ नें पाया अपना मकां।
कुछ ने पाया,सारा जहां।
मैंने क्या पाया यहां,मैनें क्या खोया यहाँ।
कोई न जाने मेरा,दिल ही तो जाने....
न जाने अब हम,मिलेंगे कहाँ।।3

Comments

Popular posts from this blog

#इज्ज़त#

Short story -गुमसुम बच्ची

////////////💐मातृ-पितृ वन्दना💐/////////////////