गीत-अधूरा सपना
एक गीत के माध्यम से कुछ कहने का प्रयास किया है । 💐💐मेरा अधूरा सपना💐💐
अधूरा जो सपना ,अधूरा रहेगा ।
सब तो रहेंगे ,बस तू न रहेगा।।
मरना तो तय है, आज न कल।
सपनों को मार के!,मरते हैं हरपल।।1
सपना जो न ,पूरा करेगा।
बैठा ख़ुदा दिल में ,रूठा रहेगा।।
सपने को जब तू ,अपना करेगा।
अपनों से ज्यादा,ख़ुद से लड़ना पड़ेगा।2
तेरी जमी का सूरज उगेगा उगेगा।
क़दम दो कदम जब, चल तू पड़ेगा।।
नही नींद आती है क्यो ,मुझे अब।
अपनों सी सताती है ,क्यों मुझे अब।।3
गीतों की दुनिया में,
जब तक मैं न बहूँगा।
सुकूँ न मिलेगा मुझको,
जन्नत मिल भी गया तो सपना 4

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